Ayurveda Notes Part 4: MCQ Ayurveda with Answers | महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक प्रश्न और उत्तर | BAMS, फार्मासिस्ट और नर्स

Rachana Sharir Chapter 1: Sharir Upkramaniya – 50 Most Important MCQ with Vyakhya [NCISM Latest Syllabus]

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Top Most Important MCQs with Detailed Vyakhya

प्रश्न एवं विकल्पसटीक उत्तर एवं शास्त्रीय व्याख्या
‘शीर्यते तत् शरीरम्’ यह परिभाषा किस आचार्य द्वारा दी गई है?

  • A) आचार्य चरक
  • B) आचार्य सुश्रुत
  • C) आचार्य वाग्भट
  • D) आचार्य भावमिश्र

सही उत्तर: A) आचार्य चरक

  • मूल: “शीर्यते अनेन इति शरीरम्”
  • सन्दर्भ: चरक संहिता
  • अर्थ: जिसका निरंतर क्षय होता रहता है, उसे ‘शरीर’ कहा जाता है। यह जैविक उपापचय का प्रतीक है।
‘शृ हिंसायाम्’ धातु के आधार पर शरीर की उत्पत्ति किस आचार्य ने मानी है?

  • A) आचार्य चरक
  • B) आचार्य सुश्रुत
  • C) आचार्य वाग्भट
  • D) आचार्य हारित

सही उत्तर: B) आचार्य सुश्रुत

  • मूल: “शृ हिंसायाम्”
  • सन्दर्भ: सुश्रुत संहिता शारीरस्थान
  • अर्थ: जिसका एक दिन पूर्ण विनाश तय है, वह ‘शरीर’ है।
‘दोष धातु मल मूलं हि शरीरम्’ किसने कहा है?

  • A) आचार्य वाग्भट
  • B) आचार्य चरक

सही उत्तर: A) आचार्य वाग्भट

  • व्याख्या: त्रिदोष – वात, पित्त, कफ और सात धातु और मल हमारे शरीर को संतुलित रखने का काम करते हैं। इनमें विकृति आने पर बीमारियाँ उत्पन्न होती हैं।
शरीर कितने महाभूतों से बनता है?

  • A) तीन
  • B) पाँच

सही उत्तर: B) पाँच

  • व्याख्या: हमारा शरीर पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश महाभूतों से बनता है, इन्हें पंच महाभूत भी कहते हैं।
षडंग शरीर का वर्णन किसने किया है?

  • A) चरक
  • B) सुश्रुत

सही उत्तर: B) सुश्रुत

  • व्याख्या: शरीर को छह भागों में बाँटा गया है, जिसे षडंग शरीर कहते हैं। इसका वर्णन सुश्रुत शरीर स्थान में मिलता है।
षडंग में कितने अंग होते हैं?

सही उत्तर: छह

  • व्याख्या: चार शाखा, एक धड़, एक सिर = छह। यही षडंग शरीर है।
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Fig: Shadang Sharir – bams 1st year rachana sharir notes

चार शाखा क्या है?

  • A) दो हाथ + दो पैर
  • B) सिर + धड़

सही उत्तर: A) दो हाथ + दो पैर

  • व्याख्या: दो हाथ और दो पैर को ही चार शाखा कहते हैं।
अन्तराधि किसे कहते हैं?

  • A) छाती, पेट, पीठ
  • B) सिर

सही उत्तर: A) छाती, पेट, पीठ

  • व्याख्या: बीच वाला हिस्सा जहाँ हृदय, फेफड़ा, पेट आते हैं, उसे अन्तराधि या मध्य काय कहते हैं।
ऊर्ध्वांग किसे कहते हैं?

सही उत्तर: B) सिर

  • व्याख्या: ऊपर के अंग जिनमें आँख, नाक, कान, दिमाग आते हैं, उन्हें ऊर्ध्वांग कहते हैं।
हाथ को आयुर्वेद में क्या कहते हैं?

  • A) बाहु
  • B) सक्थि

सही उत्तर: A) बाहु

  • व्याख्या: हाथ को भुजा, बाहु कहते हैं, ये संस्कृत नाम हैं।
पैर को क्या कहते हैं?

  • A) बाहु
  • B) सक्थि

सही उत्तर: B) सक्थि

  • व्याख्या: जाँघ से पंजे तक पूरा पैर सक्थि कहलाता है।
शाखागत रोग कौन सा है?

  • A) कुष्ठ
  • B) अतिसार

सही उत्तर: A) कुष्ठ

  • व्याख्या: जो हाथ-पैर पर होता है उसे शाखागत रोग कहते हैं, जैसे कुष्ठ, चर्म रोग, विसर्प।
मध्य शरीरगत रोग कौन सा है?

  • A) अर्श, अतिसार
  • B) खालित्य

सही उत्तर: A) अर्श, अतिसार

  • व्याख्या: पेट के अंदर होने वाले रोग मध्य शरीरगत कहलाते हैं, जैसे अर्श, अतिसार, गुल्म।
प्रत्यंग किसे कहते हैं?

  • A) बड़े अंग के छोटे हिस्से
  • B) पूरा शरीर

सही उत्तर: A) बड़े अंग के छोटे हिस्से

  • व्याख्या: अंग मालिक की तरह है और प्रत्यंग उसके छोटे नौकर हैं। जैसे हाथ अंग है तो उँगली प्रत्यंग है।
चरक के अनुसार प्रत्यंग कितने हैं?

  • A) छप्पन
  • B) तीन सौ साठ

सही उत्तर: A) छप्पन

  • व्याख्या: आचार्य चरक ने माथे से पैर के नाखून तक छप्पन प्रत्यंग बताए हैं।
ललाट, नासा क्या है?

  • A) अंग
  • B) प्रत्यंग

सही उत्तर: B) प्रत्यंग

  • व्याख्या: सिर अंग है और नासा, ललाट उसके प्रत्यंग हैं।
हृदय, यकृत किस श्रेणी में आते हैं?

  • A) अंग
  • B) प्रत्यंग

सही उत्तर: B) प्रत्यंग

  • व्याख्या: हृदय मर्म भी है और प्रत्यंग भी है। यकृत पेट का प्रत्यंग है क्योंकि यह रक्त का निर्माण करता है।
भ्रू, अक्षि, कर्ण क्या है?

  • A) प्रत्यंग + इन्द्रिय
  • B) दोष

सही उत्तर: A) प्रत्यंग + इन्द्रिय

  • व्याख्या: आँख, कान, भौंह सिर के प्रत्यंग भी हैं और ज्ञान के दरवाजे भी हैं।
शरीर ज्ञान का पहला प्रयोजन क्या है?

  • A) स्वस्थ को स्वस्थ रखना
  • B) पैसा कमाना

सही उत्तर: A) स्वस्थ को स्वस्थ रखना

  • व्याख्या: स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए दिनचर्या, ऋतुचर्या का ज्ञान देना ही पहला प्रयोजन है।
‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ का अर्थ क्या है?

  • A) शरीर ही पहला धर्म है
  • B) शरीर बेकार है

सही उत्तर: A) शरीर ही पहला धर्म है

  • व्याख्या: धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति के लिए शरीर का स्वस्थ होना जरूरी है।
शल्य में शरीर ज्ञान क्यों जरूरी है?

  • A) नस काटने से बचने के लिए
  • B) फैशन के लिए

सही उत्तर: A) नस काटने से बचने के लिए

  • व्याख्या: गलत जगह चीरा लगने से मरीज को खतरा और डॉक्टर की बदनामी होती है।
मर्म ज्ञान क्यों जरूरी है?

  • A) जहाँ चोट से मौत हो सकती है
  • B) मालिश के लिए

सही उत्तर: A) जहाँ चोट से मौत हो सकती है

  • व्याख्या: शरीर में 107 मर्म हैं। मर्म पर चीरा लगने से मौत भी हो सकती है।
पंचकर्म में शरीर ज्ञान का उपयोग क्या है?

  • A) बस्ति सही जगह देने के लिए
  • B) कोई नहीं

सही उत्तर: A) बस्ति सही जगह देने के लिए

  • व्याख्या: बस्ति कितनी अंदर देनी है, इसका ज्ञान रचना शास्त्र से ही आता है।
‘शरीरं सर्वथा सर्वम्’ किसने कहा है?

  • A) चरक
  • B) सुश्रुत

सही उत्तर: A) चरक

  • व्याख्या: अपनी बॉडी को समझ लेना ही पूरी दुनिया को समझ लेना है।
आधुनिक में षडंग शरीर को क्या कहते हैं?

  • A) अपर-लोअर, ट्रंक, हेड
  • B) ओनली हेड

सही उत्तर: A) अपर लिम्ब, लोअर लिम्ब, ट्रंक, हेड

  • व्याख्या: वही 6 अंगों को आधुनिक में इन 4 नामों से जाना जाता है।
पृथ्वी महाभूत का कार्य शरीर में क्या है?

  • A) हड्डी-मांस बनाना
  • B) चलना

सही उत्तर: A) हड्डी-मांस बनाना

  • व्याख्या: कठोरता और वजन पृथ्वी महाभूत से आता है।
वायु का कार्य शरीर में क्या है?

  • A) गति देना
  • B) जलन

सही उत्तर: A) गति देना

  • व्याख्या: चलना, बोलना, साँस लेना सब वायु का कार्य है।
आत्मा के बिना शरीर क्या है?

  • A) शव
  • B) जीवित

सही उत्तर: A) शव

  • व्याख्या: बैटरी निकलने पर मोबाइल बंद, वैसे ही आत्मा निकलने पर शरीर शव बन जाता है।
शरीर का पर्यायवाची कौन नहीं है?

  • A) देह, काय, पुरी
  • B) अग्नि

सही उत्तर: B) अग्नि

  • व्याख्या: देह, काय, पुरी शरीर के पर्याय हैं, अग्नि नहीं।
‘काय’ से कौन सी चिकित्सा है?

  • A) कायचिकित्सा
  • B) शल्य

सही उत्तर: A) कायचिकित्सा

  • व्याख्या: पूरे काया की चिकित्सा को कायचिकित्सा कहते हैं, इसके आचार्य चरक हैं।
शरीर की वृद्धि किस धातु से होती है?

  • A) रस
  • B) अस्थि

सही उत्तर: A) रस

  • व्याख्या: रस पहली धातु है, उसी से उत्तरोत्तर धातुओं का निर्माण होता है।
शरीर को धारण कौन करता है?

  • A) धातु
  • B) मल

सही उत्तर: A) धातु

  • व्याख्या: धारण करने से धातु कहलाती है, यह शरीर का पिलर है।
सुश्रुत के अनुसार अस्थियों की संख्या कितनी है?

  • A) 300
  • B) 206

सही उत्तर: A) 300

  • व्याख्या: सुश्रुत ने 300, चरक ने 360 और आधुनिक विज्ञान ने 206 अस्थियाँ मानी हैं।
शरीर ज्ञान का अन्तिम लक्ष्य क्या है?

  • A) मोक्ष
  • B) धन

सही उत्तर: A) मोक्ष

  • व्याख्या: धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष में अन्तिम पुरुषार्थ मोक्ष ही शरीर का अन्तिम लक्ष्य है।
रचना के लिए सबसे मुख्य ग्रन्थ कौन सा है?

  • A) सुश्रुत शरीरस्थान
  • B) चरक विमानस्थान

सही उत्तर: A) सुश्रुत शरीरस्थान

  • व्याख्या: रचना शास्त्र का सबसे महत्वपूर्ण वर्णन सुश्रुत शरीरस्थान में मिलता है।
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न – रचना शरीर

प्रश्न 1. BAMS का पूरा नाम क्या है और यह कोर्स कितने साल का होता है?

उत्तर: बीएएमएस का पूरा नाम बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी है। यह कोर्स साढ़े पाँच साल का होता है – साढ़े चार साल पढ़ाई और एक साल इंटर्नशिप। बीएएमएस प्रथम वर्ष में रचना शरीर सबसे महत्वपूर्ण विषय है।

प्रश्न 2. BAMS प्रथम वर्ष रचना शरीर में कितने अध्याय होते हैं?

उत्तर: NCISM के नवीन पाठ्यक्रम के अनुसार रचना शरीर में दो प्रश्न पत्र होते हैं। प्रथम पत्र में शरीर उपक्रमणीय, गर्भ शरीर, अस्थि शरीर जैसे 8 अध्याय होते हैं। यही विषय बीएएमएस प्रथम वर्ष के प्रश्न पत्र में सबसे ज्यादा पूछा जाता है।

प्रश्न 3. BAMS NOTES और ANATOMY NOTES में क्या अंतर है?

उत्तर: एनाटॉमी नोट्स में केवल आधुनिक शरीर रचना पढ़ाई जाती है, जबकि BAMS NOTES

 या रचना शरीर नोट्स में आयुर्वेदिक सिद्धांत जैसे षडंग शरीर, अंग-प्रत्यंग, मर्म शरीर भी पढ़ाया जाता है। दोनों का समन्वय ही एक उत्तम आयुर्वेदिक चिकित्सक बनाता है।

प्रश्न 4. BAMS प्रथम वर्ष के लिए सर्वश्रेष्ठ नोट्स कैसे बनाएं?

उत्तर: सर्वश्रेष्ठ नोट्स बनाने के लिए प्रत्येक अध्याय का चित्र अवश्य बनाएं। जैसे षडंग शरीर का चार्ट, 56 प्रत्यंगों की सूची। ये नोट्स आपको परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे।

प्रश्न 5. क्या ये 50 प्रश्न उत्तर परीक्षा के लिए पर्याप्त हैं?

उत्तर: ये 50 प्रश्न एनसीआईएसएम के नवीन पाठ्यक्रम पर आधारित हैं और पिछले 5 वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करके बनाए गए हैं। यदि आप इन्हें याद कर लेते हैं तो रचना शरीर प्रथम पत्र में आप 80 प्रतिशत अंक ला सकते हैं।

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✍️ Lekhak: Ayurved Study Hub Research Team
Rajasthan se, 6+ saal ka Ayurved field research anubhav. 150+ jadi-bootiyon ki swayam pehchan.

📖 Reference: Charak Samhita, Bhavprakash Nighantu
⚠️ Disclaimer: Yah lekh keval shiksha ke liye hai. Kisi bhi aushadhi ka sevan karne se pehle apne Vaidya se paramarsh jarur le.

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