Rachana Sharir Notes BAMS 1st Year – Part 2

रचना शरीर नोट्स — BAMS First Year

Part 2 — परिभाषा शरीर

दोस्तों, ये पोस्ट रचना शरीर नोट्स BAMS First Year(Rachana Sharir Notes BAMS) की सीरीज़ का Part 2 है। अगर आपने Part 1 नहीं पढ़ा है, तो इस आर्टिकल के लास्ट में Part 1 का लिंक दे रखा है। आप वहां जाकर उसे अच्छे से स्टडी कर सकते हैं।

Rachana Sharir Notes BAMS
Rachana Sharir Notes BAMS

परिभाषा शरीर

रचना शरीर(Rachana Sharir Notes BAMS) का ये महत्वपूर्ण भाग है, जिसमें शरीर की विशिष्ट Anatomical Structure और Terminology का वर्णन मिलता है, जिन्हें सामान्य आधुनिक Anatomical Terms से सीधे समझना हमेशा आसान नहीं होता।

इसमें कूर्च, कण्डरा, जाल, अस्थिसंघात, सीमन्त, सीवनी, रज्जु, स्नायु और लसिका जैसे महत्वपूर्ण टॉपिक शामिल हैं।

और हम इस बात को ऐसे भी समझ सकते हैं कि वर्तमान NCISM BAMS curriculum(Rachana Sharir Notes BAMS) में इन structure से related बहुत से question बनते हैं। विशेष रूप से सुश्रुत संहिता, सूत्रस्थान, अध्याय 5 — शरीर संख्या व्याकरण परिभाषा शरीर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण reference है। सुश्रुत ने शरीर की अनेक संरचनाओं की संख्या भी विस्तृत रूप से बताई है।

तो चलिए शुरू करते हैं-

Part A — परिभाषा शरीर संख्या का Revision

सबसे पहले हम एक table के माध्यम से इसे याद करते हैं:(Rachana Sharir Notes BAMS)

Structure | संख्या
कण्डरा | 16
जाल | 16
कूर्च | 6
रज्जु | 4
सीवनी | 7
अस्थिसंघात | 14
सीमन्त | 14
स्नायु | 900

प्यारे विद्यार्थियों(Rachana Sharir Notes BAMS), सुश्रुत के शरीर संख्या व्याकरण में कण्डरा और जाल इन सब की ये संख्या हमने table के माध्यम से याद की।

अब हम आगे हर एक टॉपिक के MCQ देखेंगे।

1. कूर्च — MCQ

MCQ 1. कूर्चों की कुल संख्या कितनी बताई गई है?
A. 4
B. 6
C. 7
D. 16
सही उत्तर: B. 6

प्रमुख व्याख्या:
आचार्य सुश्रुत के अनुसार शरीर में छह कूर्च बताए गए हैं। इन कूर्चों में से दो हाथ में, दो पैरों में, एक ग्रीवा में और एक मेढ्र में स्थित होता है।
कूर्च शब्द का सामान्य अर्थ व्यूह, समूह या गुच्छे के समान संरचना से हम समझ सकते हैं।
आधुनिक विज्ञान में हम समझें(Rachana Sharir Notes BAMS) तो इसका anatomical correlation निश्चित और एकमात्र नहीं है। कुछ आधुनिक विद्वानों ने इसे palmar, plantar aponeurosis या अन्य fibrous structures से correlate किया है।

MCQ 2. कूर्च कितने हाथों में पाए जाते हैं?
A. 1
B. 2
C. 4
D. 6
सही उत्तर: B. 2

Explain:
सुश्रुत के अनुसार कुल छह कूर्चों में से दो हाथ में स्थित होते हैं। इसी प्रकार दो पाद में, एक ग्रीवा में और एक मेढ्र में होता है।
इसलिए यदि MCQ में हाथ में कूर्च कितने पूछे जाएँ, तो सही answer दो ही होगा।(Rachana Sharir Notes BAMS)

MCQ 3. कूर्च कितने पैरों में पाए जाते हैं?
A. 1
B. 2
C. 4
D. 6
सही उत्तर: B. 2

प्रमुख व्याख्या:
कूर्चों की बात आती है और जब पैरों के बारे में पूछा जाए, तो पैरों में दो कूर्च पाए जाते हैं। हाथ और पैर दोनों में कूर्चों की संख्या समान है, दो-दो।
और बाकी हमने ऊपर देख ही लिया— एक ग्रीवा में और एक मेढ्र में होता है।

MCQ 4. कूर्च का सामान्य अर्थ किससे संबंधित है?
A. जाल
B. सीवनी
C. ब्रश या गुच्छे जैसी संरचना
D. हड्डियों का समूह
सही उत्तर: C. ब्रश या गुच्छे जैसी संरचना

प्रमुख व्याख्या:(Rachana Sharir Notes BAMS)
कूर्च का conceptual meaning brush-like structure है। इसे ऐसी संरचना के रूप में हम समझ सकते हैं, जो अनेक गुच्छों का समूह होती है या arrangement जैसी हमें दिखाई देती है।
इसलिए exam में यदि पूछा जाए कि कूर्च कैसी संरचना है, तो हम ये कह सकते हैं— ब्रश या गुच्छे जैसी संरचना।

2. कण्डरा

अब हम कण्डरा(Rachana Sharir Notes BAMS) से जुड़े हुए कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को MCQ और उनकी प्रमुख व्याख्या से समझेंगे।

MCQ 1. कण्डराओं की कुल संख्या कितनी है?
A. 6
B. 14
C. 16
D. 900
सही उत्तर: C. 16

प्रमुख व्याख्या:
आचार्य सुश्रुत के अनुसार शरीर में 16 कण्डराएँ होती हैं, जिनका विभाजन इस तरह से किया गया है:

  • पाद में — 4
  • हस्त में — 4
  • ग्रीवा में — 4
  • पृष्ठ में — 4
    कण्डराओं को सामान्यतः बड़ी cord-like tendinous structures के रूप में हम समझ सकते हैं। सुश्रुत ने इनका विस्तार और anatomical relationship का भी वर्णन सुश्रुत संहिता में किया है।

MCQ 2. पैरों में कण्डराओं की संख्या कितनी है?(Rachana Sharir Notes BAMS)
A. 2
B. 4
C. 6
D. 8
सही उत्तर: B. 4

प्रमुख व्याख्या:
कुल कण्डराएँ 16 हैं और 16 में से पैरों में 4 कण्डराएँ, हाथों में 4, ग्रीवा में 4 और पृष्ठ में 4 होती हैं।

MCQ 3. 4 + 4 + 4 + 4 किसकी संख्या बताता है?
A. कूर्च
B. कण्डरा
C. रज्जु
D. सीवनी
सही उत्तर: B. कण्डरा(Rachana Sharir Notes BAMS)

प्रमुख व्याख्या:
कण्डराओं का विभाजन 4 प्रमुख क्षेत्रों में 4-4 प्रकार से किया गया है, जैसा कि हमने पहले भी पढ़ा— पाद में 4, हस्त में 4, ग्रीवा में 4 और पृष्ठ में 4।

MCQ 4. कण्डरा का आधुनिक correlation सामान्यतः किससे किया जाता है?
A. Tendon-like structure
B. केवल bone
C. केवल blood vessel
D. केवल cartilage
सही उत्तर: A. Tendon-like structure

प्रमुख व्याख्या:
आधुनिक में कण्डरा को प्रायः large tendinous या cord-like structure(Rachana Sharir Notes BAMS) से संबंधित किया जाता है। लेकिन यह ध्यान रखना चाहिए कि आयुर्वेद के classical anatomical terms और modern anatomical structures हमेशा one-to-one equivalent नहीं होते हैं।
इसलिए answer लिखते समय correlation कहना अधिक उचित है, न कि पूर्णतया समानता।(Rachana Sharir Notes BAMS)

3. जाल

जाल हमारे शरीर में एक ऐसी संरचना है जो जालनुमा होती है। मुख्य तत्त्व के रूप में हम ये कह सकते हैं कि सुश्रुत के अनुसार जाल सोलह हैं। चार प्रकार के जाल बताए गए हैं, जिनमें चार-चार होते हैं, जैसे पहला मांसज, दूसरा सिराज, तीसरा स्नायुज, चौथा अस्थिज। प्रत्येक में चार-चार जाल होते हैं, इस तरह से कुल मिलाकर सोलह होते हैं। इनका संबंध विशेष रूप से मणिबंध और गुल्फ क्षेत्रों से बताया गया है और ये परस्पर जाल की तरह आपस में जुड़े होते हैं, इसलिए इन्हें हम जाल कहते हैं। अब हम इनके MCQs को देखेंगे।

जालों की संख्या कितनी होती है?
A. 4
B. 6
C. 14
D. 16
सही उत्तर है — D. 16

जाल कितने प्रकार के बताए गए हैं?
A. 2
B. 3
C. 4
D. 5
सही उत्तर है — C. 4

चार प्रमुख जाल जिनके नाम निम्नलिखित हैं: मांसज, सिराज, स्नायुज, अस्थिज। इसमें शरीर के अलग-अलग जो ऊतक हैं, उनके आधार पर classical अवधारणा हमारे सामने आती है।

प्रश्न: निम्न में से जाल का प्रकार कौन सा है?
A. मांसज
B. सिराज
C. स्नायुज
D. उपर्युक्त सभी
सही उत्तर है: D. उपर्युक्त सभी।

प्रमुख व्याख्या: हमने ऊपर भी देखा था कि जाल जो है, वो चार प्रकार का होता है। उसी के आधार पर ये हमारे तीन options सही मिल गए और अगर चौथे की बात करें तो चौथे में अस्थिज आता है। जाल को केवल एक tissue की isolated structure के रूप में नहीं समझा गया है। Classical description में सिरा, स्नायु, मांस, अस्थि से संबंधित जालों का वर्णन मिलता है।

प्रश्न: जाल मुख्यतः किस प्रकार की संरचना को दर्शाता है?
A. Rope-like
B. Brush-like
C. Network-like
D. Structure-like
सही उत्तर है: C. Network-like।

प्रमुख व्याख्या: जाल का literal conceptual meaning ही network है। Classical description में विभिन्न anatomical component के परस्पर जुड़ने और एक-दूसरे को cross करने से network जैसा arrangement बताया गया है।

प्रश्न: जालों का महत्वपूर्ण anatomical क्षेत्र कौन सा है?
A. मणिबंध और गुल्फ
B. केवल शरीर
C. केवल हड्डी
D. केवल जिह्वा
सही उत्तर है: A. मणिबंध और गुल्फ।

प्रमुख व्याख्या: सुश्रुत ने जालों के संदर्भ में मणिबंध और गुल्फ क्षेत्र का वर्णन किया। इन क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के network एक-दूसरे से intermix बनते हैं।

4. रज्जु

आचार्य सुश्रुत ने चार बड़ी रज्जु बताई हैं। इन्हें muscular cord-like structure के रूप में भी वर्णित किया गया है, जो spinal column के दोनों ओर स्थित हैं और muscles को support करने वाली संरचना के रूप में समझी जाती हैं।

तो दोस्तों, अब हम रज्जुओं के बारे में कुछ important MCQ देखेंगे।

रज्जुओं की कुल संख्या कितनी है?
A. 2
B. 4
C. 6
D. 8
सही उत्तर है B. 4

रज्जु का सामान्य अर्थ क्या है?
A. जाल
B. सीवन
C. रस्सी
D. हड्डियों का समूह
सही उत्तर है C. रस्सी।

प्रमुख व्याख्या: रज्जु का सामान्य अर्थ rope या cord है। इसी आधार पर इसकी anatomical description भी rope-like, यानी रस्सी-like संरचना के रूप में समझी जाती है।

रज्जु का संबंध मुख्यतः किस क्षेत्र से बताया गया है?
A. पृष्ठवंश के दोनों ओर
B. केवल हाथ
C. केवल पैर
D. केवल सिर
सही उत्तर है A. पृष्ठवंश के दोनों ओर।

प्रमुख व्याख्या: Classical description में चार बड़ी muscular cord के spinal column के दोनों ओर से निकलने तथा muscles को bind करने का उल्लेख मिलता है, इसलिए रज्जु हमारी body के लिए बहुत जरूरी है।

मांसपेशी रज्जु किस structure से संबंधित है?
A. रज्जु
B. सीवनी
C. जाल
D. सीमन्त
सही उत्तर है A. रज्जु।

रज्जु को कई teaching source में मांसपेशी रज्जु के रूप में पढ़ाया जाता है। इसका conceptual रूप muscular cord या band जैसा है। Exam में मांसपेशी रज्जु और रज्जु को एक ही टॉपिक के रूप में हम समझ सकते हैं।

5. सीवनी

आयुर्वेद में सीवनियाँ बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। यह मस्तिष्क में पाँच, जिह्वा में एक, मेढ्र में एक बताई गई हैं। तो अब हम सीवनियों के बारे में कुछ important MCQ देखेंगे।

सीवनी की कुल संख्या कितनी है?
A. चार
B. छह
C. सात
D. चौदह
सही उत्तर है C. सात।

प्रमुख व्याख्या: आचार्य सुश्रुत के अनुसार सात सीवनियाँ हैं, मस्तिष्क में पाँच, जिह्वा में एक, मेढ्र में एक, total सात। सुश्रुत ने इन संरचनाओं पर incision करने से बचने की बात भी कही है।

मस्तिष्क में कितनी सीवनियाँ होती हैं?
A. तीन
B. चार
C. पाँच
D. सात
सही उत्तर है C. पाँच।

प्रमुख व्याख्या: सात सीवनियों में से पाँच सिर में बताई गई हैं। यह संख्या बहुत ही frequently पूछा जाने वाला एक one-liner important question है।

जिह्वा में कितनी सीवनियाँ होती हैं?
एक।

पाँच plus एक plus एक किसकी संख्या बताता है?
सीवनी की।

सीवनी का सामान्य अर्थ किससे संबंधित है?
सीवन से।

प्रमुख व्याख्या: सीवनी शब्द का conceptual meaning सीवन या suture-like line है। आधुनिक correlation में इसे कुछ anatomical structure, raphe-like structure से जोड़ा जाता है, लेकिन exact one-to-one correspondence प्रत्येक location पर निश्चित नहीं माना जाना चाहिए।

6. अस्थि संघात

अस्थि संघात की कुल संख्या कितनी है?
A. सात
B. बारह
C. चौदह
D. सोलह
सही उत्तर है C. चौदह।

प्रमुख व्याख्या: संघात का अर्थ होता है समूह, यानी हम यह कह सकते हैं विभिन्न अस्थियों के समूह संघात से संबंधित हैं। आचार्य सुश्रुत के अनुसार चौदह अस्थि संघात बताए गए हैं।

निम्न में से कौन अस्थि संघात का स्थान है?
A. गुल्फ
B. जानु
C. वंक्षण
D. उपर्युक्त सभी

प्रमुख व्याख्या: अस्थि संघातों के प्रमुख स्थान गुल्फ, जानु, वंक्षण, मणिबंध, कूर्पर, कक्ष, शिर, त्रिक जैसे anatomical region का वर्णन मिलता है। सुश्रुत के विवरण में दोनों ankle, दोनों knee और दोनों groin तथा upper extremities के छह स्थान, एक cranium और एक त्रिक से संबंधित कुल चौदह अस्थि संघात मिलते हैं।

संघात का अर्थ क्या है?
A. Separation
B. Collection
C. Fluid
D. Structure
सही उत्तर B. Collection, यानी समूह।

प्रमुख व्याख्या: संघात का अर्थ किसी प्रकार का समूह या collection है, इसलिए अस्थि संघात को bone के cluster या bone confluence के रूप में समझा जाता है।

अस्थि संघात और सीमन्त की संख्या कितनी है?
दोनों की संख्या चौदह है।

7. सीमन्त

सीमन्त की कुल संख्या चौदह है।
कुछ अन्य classical authorities की गणना में अठारह सीमन्त का भी वर्णन देखने को मिलता है। इसलिए अगर प्रश्न के according सुश्रुत से पूछा गया है तो चौदह answer करना है, वरना अगर कुछ भी नहीं है, by default है, तो कहीं-कहीं अठारह भी सीमन्त देखने को मिला है। लेकिन अगर आचार्य सुश्रुत का नाम स्पष्ट तौर पर आए तो चौदह सीमन्त ही करना चाहिए।

8. स्नायु

आयुर्वेद में स्नायु लगभग 900 बताए गए हैं आचार्य सुश्रुत के अनुसार और स्नायु बहुत ही important structure है आयुर्वेद में। इसके बारे में हम कुछ MCQ देखेंगे जो exam और NCISM syllabus पर आधारित होंगे।

सुश्रुत के अनुसार शरीर में स्नायु कितने होते हैं? 900।

प्रमुख व्याख्या: शाखा में 600, कोष्ठ में 230, ग्रीवा और ऊर्ध्व भाग में 70।

चारों शाखाओं में कुल कितने स्नायु होते हैं? 600।

कोष्ठ में कितने स्नायु होते हैं? 230।

ग्रीवा या ऊर्ध्व भाग में कितने स्नायु होते हैं? 70।

स्नायु कितने प्रकार के होते हैं? चार प्रकार के होते हैं: प्रतानवती, वृत्त, पृथु, सुषिर।

प्रतानवती स्नायु मुख्यतः कहाँ पाए जाते हैं? शंख और संधि क्षेत्र में।

वृत्त स्नायु को किससे जोड़ा जाता है? कंडरा से।

सुषिर स्नायु मुख्यतः कहाँ पाए जाते हैं? आमाशय, पक्वाशय और बस्ति के अंत में।

पृथु स्नायु का अर्थ क्या है? Broad या flat। यानी विस्तृत कह सकते हैं दूसरे शब्दों में।

9. लसिका

लसिका का सामान्य स्वरूप कैसा माना जाता है? द्रव या तरल।

लसिका का modern correlation किससे किया जाता है? Lymph और interstitial fluid से।

लसिका किस प्रकार के body fluid concept से निकटता रखती है? जलीय aqueous component।

लसिका का संबंध किस रोग में दुष्टि के रूप में बताया जाता है? प्रमेह।

सबसे Important Mixed MCQ

दोस्तों, अब हम पूरे जो Chapter हमने Blog Article में लिखा है, इसमें से भी Important MCQ निकालकर हम आपको देंगे, जिससे आपको अगर समय नहीं भी मिले, तो आप पूरे Article में से Last में आकर ये MCQ देख सकते हो। चलिए शुरू करते हैं।

निम्न में से किसकी संख्या 16 है?
A. कूर्च
B. कंडरा
C. रज्जु
D. सीवनी
सही उत्तर है — B. कंडरा।
और इसी के साथ जाल की भी संख्या 16 है, इसलिए दोनों को अगर आप याद रखना चाहें, तो कंडरा और जाल 16-16 होते हैं।

कूर्च की संख्या कितनी है?
छह। हाथ में दो, पैर में दो, ग्रीवा में एक, मेढ्र में एक।

किसकी संख्या चार बताई गई है?
रज्जु की।

किसकी संख्या सात बताई गई है?
सीवनी की।

किसकी संख्या चौदह बताई गई है?
अस्थि-संघात और सीमन्त दोनों की संख्या चौदह बताई गई है।

किसकी संख्या 900 बताई गई है?
स्नायु की।

सही Combination कौन सा है?
A. कंडरा 16
B. जाल 16
C. स्नायु 900
D. All of the above
सही उत्तर है — D. All of the above।

परिभाषा शरीर One-Liner Question Bank

कूर्च


कूर्च की संख्या कितनी है? – छह।
कूर्च कहाँ पाए जाते हैं? – हस्त, पाद, ग्रीवा और मेढ्र में।
हस्त में कूर्च कितने होते हैं? – दो।
पाद में कूर्च कितने होते हैं? – दो।
ग्रीवा में कूर्च कितने होते हैं? – एक।
मेढ्र में कूर्च कितने होते हैं? – एक।
कूर्च का सामान्य अर्थ क्या है? – Brush-like structure.

कंडरा


कंडरा की संख्या कितनी है? – 16।
पाद में कंडरा कितनी हैं? – 4।
हस्त में कंडरा कितनी हैं? – 4।
ग्रीवा में कंडरा कितनी हैं? – 4।
पृष्ठ में कंडरा कितनी हैं? – 4।
कंडरा का Modern Correlation क्या है? – Tendon-like large cord-like structure.

जाल


जाल की संख्या कितनी है? – 16।
जाल कितने प्रकार के हैं?- 4।
जाल के चार प्रकार कौन-कौन से हैं? – मांसज, सिराज, स्नायुज, अस्थिज।
जाल का सामान्य अर्थ क्या है? – Network plexus.
जाल का महत्वपूर्ण स्थान कौन सा है? – मणिबंध एवं गुल्फ।

रज्जु


रज्जु की संख्या कितनी है? – 4।
रज्जु का अर्थ क्या है? – Rope या cord-like structure.
रज्जु का संबंध किससे है? – पृष्ठवंश के दोनों ओर स्थित muscular cord-like structure से।

सीवनी


सीवनी की संख्या कितनी है? – 7।
मस्तिष्क में सीवनी कितनी होती हैं? – 5।
जिह्वा में सीवनी कितनी होती है? – 1।
मेढ्र क्षेत्र में सीवनी कितनी होती है? – 1।
सीवनी का अर्थ क्या है? – Suture या सीवन जैसी संरचना।

अस्थि-संघात


अस्थि-संघात कितने हैं? – 14।
अस्थि-संघात का अर्थ क्या है? – समूह या Collection या Confluence.
अस्थि-संघात का संबंध किससे है? – अस्थियों के समूह से।

सीमन्त


सीमन्त कितने हैं? – 14।
सीमन्त का अर्थ क्या है? – सीमा।
सीमन्त किसके आसपास स्थित होते हैं? – अस्थि-संघात के corresponding region में।
कुछ अन्य Classical Authorities के अनुसार सीमन्त कितने माने गए हैं? – 18 का मत भी उल्लेख मिलता है, लेकिन आचार्य सुश्रुत ने 14 ही बताए हैं।

स्नायु


स्नायु कितने हैं? – 900।
स्नायु कितने प्रकार के हैं? – 4।
स्नायु के चार प्रकार कौन से हैं? – प्रतानवती, वृत्त, पृथु और सुषिर।
शाखाओं में कितने स्नायु हैं? – 600।
कोष्ठ में कितने स्नायु हैं? – 230।
ग्रीवा क्षेत्र में कितने स्नायु हैं? – 70।

लसिका


लसिका का स्वरूप कैसा होता है? – द्रव या तरल।
लसिका का Modern Correlation किससे किया जाता है?- Lymph या interstitial fluid से।
लसिका किस रोग में दूष्य रूप में महत्वपूर्ण है? – प्रमेह।
लसिका किस प्रकार के Body Fluid Concept से संबंधित है? – जलीय या aqueous component से।

click here –Further Study

Related

(Rachana Sharir Notes BAMS) Part 1

Rajasthan Question Paper Ayurved

Ayurved Question

✍️Written by Ayurved Study Hub Team | Reviewed by Our Ayurveda Expert Panel
Hamare sabhi lekh hamari expert team dwara likhe aur janche jate hain taaki aapko sahi aur puri jankari mile. Ye jankari keval shiksha ke liye hai.

नोट: ये लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य से है। किसी भी रक्तक रोगी की चिकित्सा हेतु अपने नजदीकी आयुर्वेद वैद्य से परामर्श ज़रूर करें। अपने खुद से डॉक्टर या चिकित्सक नहीं बनें।

✍️ Lekhak: Ayurved Study Hub Research Team
Rajasthan se, 6+ saal ka Ayurved field research anubhav. 150+ jadi-bootiyon ki swayam pehchan.

📖 Reference: Charak Samhita, Bhavprakash Nighantu
⚠️ Disclaimer: Yah lekh keval shiksha ke liye hai. Kisi bhi aushadhi ka sevan karne se pehle apne Vaidya se paramarsh jarur le.

Leave a Comment