Ayurveda MCQ Questions and Answers
आज के इस ब्लॉग में Ayurveda History MCQ, Questions and Answers के माध्यम से आयुर्वेद के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों और उनकी प्रमुख व्याख्या को शामिल किया गया है। इन MCQs के माध्यम से आप आयुर्वेद के इतिहास में महत्वपूर्ण आचार्यों, उनकी प्रमुख टीकाओं और उनके योगदान से जुड़ी जानकारी को आसानी से समझ और याद कर सकते हैं।
Written by Ayurved Study Hub Team | Reviewed by Our Ayurveda Expert Panel
Hamare sabhi lekh hamari expert team dwara likhe aur janche jate hain taaki aapko sahi aur puri jankari mile. Ye jankari keval shiksha ke liye hai.
यह प्रश्न विशेष रूप से आयुर्वेद के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हैं, जो परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ आयुर्वेद के इतिहास से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को बेहतर तरीके से समझना चाहते हैं।
📚 प्रमुख आयुर्वेदिक टीकाएँ एवं उनके टीकाकार (Q53 से Q62)
| क्रमांक | टीका का नाम (Commentary) | संबंधित ग्रंथ (Text) | प्रमुख टीकाकार (Author) |
| Q53 | आयुर्वेद दीपिका | चरक संहिता | आचार्य चक्रपाणिदत्त |
| Q54 | जल्प कल्पतरु | चरक संहिता | गंगाधर राय |
| Q55 | न्याय चन्द्रिका | सुश्रुत संहिता | आचार्य गायदास |
| Q56 | निबन्ध संग्रह | सुश्रुत संहिता | आचार्य दल्हण |
| Q57 | सर्वांग सुन्दरी | अष्टांग हृदय | आचार्य अरुणदत्त |
| Q58 | आयुर्वेद रसायन | अष्टांग हृदय | आचार्य हेमाद्रि |
| Q59 | शशिलेखा | अष्टांग संग्रह | आचार्य इन्दु |
| Q60 | मधुकोश | माधव निदान | विजय रक्षित एवं श्रीकण्ठदत्त |
| Q61 | दीपिका | शार्ङ्गधर संहिता | आचार्य अदमल्ल |
| Q62 | गूढ़ार्थ दीपिका | शार्ङ्गधर संहिता | आचार्य काशीराम |
सुश्रुत संहिता के mcq ayurveda with answers 10 +10+5 महत्वपूर्ण MCQs | Ayurveda Quiz
38. सुश्रुत संहिता में मूल सिद्धांत एवं शल्य चिकित्सा की आधारभूत बातें किस स्थान में बताई गई हैं?
सही उत्तर: सूत्रस्थान
प्रमुख व्याख्या: सूत्रस्थान सुश्रुत संहिता का प्रथम स्थान है और इसमें कुल 46 अध्याय बताए गए हैं।
39. सुश्रुत संहिता में रोगों का निदान किस स्थान में बताया गया है?
सही उत्तर: निदान स्थान
प्रमुख व्याख्या: निदान स्थान सुश्रुत संहिता में दूसरे स्थान पर आता है और इसमें कुल 16 अध्याय बताए गए हैं।
40. सुश्रुत संहिता में गर्भ विज्ञान एवं मर्म का वर्णन किस स्थान में मिलता है?
सही उत्तर: शारीर स्थान
प्रमुख व्याख्या: शारीर स्थान सुश्रुत संहिता में तीसरे स्थान पर आता है और इसमें कुल 10 अध्याय बताए गए हैं।
41. सुश्रुत संहिता में रोगों की चिकित्सा का वर्णन किस स्थान में मिलता है?
सही उत्तर: चिकित्सा स्थान
प्रमुख व्याख्या: चिकित्सा स्थान सुश्रुत संहिता में चौथे स्थान पर आता है और इसमें कुल 40 अध्याय बताए गए हैं।
42. सुश्रुत संहिता में विष चिकित्सा एवं सर्पदंश का वर्णन किस स्थान में मिलता है?
सही उत्तर: कल्प स्थान
प्रमुख व्याख्या: कल्प स्थान सुश्रुत संहिता में पाँचवें स्थान पर आता है और इसमें कुल 8 अध्याय बताए गए हैं।
सुश्रुत संहिता महत्वपूर्ण Ayurveda Questions And Answers MCQs
43. सुश्रुत संहिता के उत्तरतंत्र में किन रोगों/विषयों का वर्णन मिलता है?
सही उत्तर: नेत्र, कर्ण, नासा, मुख संबंधित
प्रमुख व्याख्या: उत्तरतंत्र सुश्रुत संहिता का छठा स्थान है। इसमें नेत्र, कर्ण, नासा, मुख आदि से संबंधित विषयों का प्रमुख रूप से वर्णन मिलता है। उत्तरतंत्र में कुल 66 अध्याय बताए गए हैं।
44. सुश्रुत संहिता में विषैले पदार्थ तथा औषधियों की कल्पना का वर्णन किस स्थान में मिलता है?
सही उत्तर: कल्प स्थान
प्रमुख व्याख्या: कल्प स्थान में सर्पदंश, विषैले पदार्थ तथा विषों से संबंधित विषयों के साथ औषधियों की कल्पना से संबंधित विषयों का भी वर्णन मिलता है।
45. सुश्रुत संहिता में दिनचर्या, ऋतुचर्या तथा आहार-औषधि आदि का वर्णन किस स्थान में मिलता है?
सही उत्तर: सूत्र स्थान
प्रमुख व्याख्या: सूत्र स्थान में आयुर्वेद के अनेक मूलभूत सिद्धांतों के साथ दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार, औषधि तथा शल्य चिकित्सा की आधारभूत बातों का वर्णन मिलता है।
46. सुश्रुत संहिता में विभिन्न रोगों के कारण, पूर्वरूप, लक्षण आदि का वर्णन किस स्थान में मिलता है?
सही उत्तर: निदान स्थान
प्रमुख व्याख्या: निदान स्थान में विभिन्न रोगों के कारण, पूर्वरूप, लक्षण तथा निदान से संबंधित विषयों का प्रमुख रूप से वर्णन किया गया है।
47. सुश्रुत संहिता के किस स्थान में शालाक्य, बाल रोग व काय चिकित्सा का वर्णन मिलता है?
सही उत्तर: उत्तर तंत्र
प्रमुख व्याख्या: उत्तर तंत्र में शालाक्य तंत्र से संबंधित विषयों का प्रमुख वर्णन मिलता है। इसमें नेत्र, कर्ण, नासा, मुख आदि के साथ बाल रोग एवं काय चिकित्सा से संबंधित विषय भी मिलते हैं।
अष्टांग हृदय महत्वपूर्ण Ayurveda History MCQ: स्थान एवं अध्याय
48. दोष, धातु, मल आदि का वर्णन अष्टांग हृदय के अनुसार किस स्थान में मिलता है?
सही उत्तर: सूत्रस्थान
प्रमुख व्याख्या: अष्टांग हृदय के सूत्रस्थान में कुल 30 अध्याय हैं। इसमें दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार, दोष, धातु, मल आदि से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों का वर्णन मिलता है।
49. वमन, विरेचन आदि पंचकर्म से संबंधित विषयों का वर्णन अष्टांग हृदय के अनुसार किस स्थान में मिलता है?
सही उत्तर: कल्पसिद्धिस्थान
प्रमुख व्याख्या: अष्टांग हृदय के कल्पसिद्धिस्थान में कुल 6 अध्याय हैं। इसमें औषधियों की कल्पना तथा वमन, विरेचन आदि पंचकर्म से संबंधित विषयों का वर्णन मिलता है।
50. अष्टांग हृदय में कुल कितने स्थान बताए गए हैं?
सही उत्तर: 6
प्रमुख व्याख्या: अष्टांग हृदय में कुल 6 स्थान बताए गए हैं—सूत्रस्थान, शारीरस्थान, निदानस्थान, चिकित्सास्थान, कल्पसिद्धिस्थान और उत्तरस्थान।
51. अष्टांग हृदय में कुल कितने अध्याय बताए गए हैं?
सही उत्तर: 120
प्रमुख व्याख्या: अष्टांग हृदय के 6 स्थानों में कुल 120 अध्याय हैं। यह संख्या परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
52. अष्टांग हृदय के कल्पसिद्धिस्थान में कुल कितने अध्याय हैं?
सही उत्तर: 6
प्रमुख व्याख्या: कल्पसिद्धिस्थान में कुल 6 अध्याय हैं। इसमें औषधियों की कल्पना तथा पंचकर्म से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों का वर्णन किया गया है।
प्रमुख आयुर्वेदिक टीकाएँ एवं टीकाकार-Ayurveda Quiz Questions
53. आयुर्वेद दीपिका टीका के प्रमुख टीकाकार कौन हैं?
सही उत्तर: चक्रपाणिदत्त
प्रमुख व्याख्या: आयुर्वेद दीपिका चरक संहिता पर लिखी गई प्रसिद्ध टीका है। इसके रचयिता आचार्य चक्रपाणिदत्त हैं और इसे चरक संहिता की महत्वपूर्ण टीकाओं में माना जाता है।
54. जल्प कल्पतरु टीका के प्रमुख टीकाकार कौन हैं?
सही उत्तर: गंगाधर राय
प्रमुख व्याख्या: जल्प कल्पतरु चरक संहिता पर लिखी गई महत्वपूर्ण टीका है। इसके टीकाकार गंगाधर राय माने जाते हैं।
55. न्याय चन्द्रिका के प्रमुख टीकाकार कौन हैं?
सही उत्तर: गायदास
प्रमुख व्याख्या: न्याय चन्द्रिका सुश्रुत संहिता पर लिखी गई टीका है। इसके टीकाकार आचार्य गायदास माने जाते हैं।
56. निबन्ध संग्रह के प्रमुख टीकाकार कौन हैं?
सही उत्तर: दल्हण
प्रमुख व्याख्या: निबन्ध संग्रह सुश्रुत संहिता पर लिखी गई प्रसिद्ध टीका है। इसके टीकाकार आचार्य दल्हण माने जाते हैं।
57. सर्वांग सुन्दरी के प्रमुख टीकाकार किसे कहा जाता है?
सही उत्तर: अरुणदत्त
प्रमुख व्याख्या: सर्वांग सुन्दरी अष्टांग हृदय पर लिखी गई प्रसिद्ध टीका है। इसके टीकाकार आचार्य अरुणदत्त हैं।
58. आयुर्वेद रसायन के प्रमुख टीकाकार किसे कहा जाता है?
सही उत्तर: हेमाद्रि
प्रमुख व्याख्या: आयुर्वेद रसायन अष्टांग हृदय पर लिखी गई प्रसिद्ध टीका है। इसके टीकाकार आचार्य हेमाद्रि माने जाते हैं।
59. शशिलेखा के टीकाकार किसे कहा जाता है?
सही उत्तर: इन्दु
प्रमुख व्याख्या: शशिलेखा अष्टांग संग्रह पर लिखी गई महत्वपूर्ण टीका है। इसके टीकाकार आचार्य इन्दु माने जाते हैं।
60. मधुकोश के टीकाकार किसे कहा जाता है?
सही उत्तर: विजय रक्षित एवं श्रीकण्ठदत्त
प्रमुख व्याख्या: मधुकोश माधव निदान पर लिखी गई प्रसिद्ध टीका है। इसके प्रमुख टीकाकार विजय रक्षित एवं श्रीकण्ठदत्त माने जाते हैं।
61. दीपिका टीका के टीकाकार किसे कहा जाता है?
सही उत्तर: अदमल्ल
प्रमुख व्याख्या: दीपिका शार्ङ्गधर संहिता पर लिखी गई महत्वपूर्ण टीका है। इसके टीकाकार आचार्य अदमल्ल माने जाते हैं।
62. गूढ़ार्थ दीपिका टीका के टीकाकार किसे कहा जाता है?
सही उत्तर: काशीराम
प्रमुख व्याख्या: गूढ़ार्थ दीपिका शार्ङ्गधर संहिता पर लिखी गई टीका है। इसके टीकाकार आचार्य काशीराम माने जाते हैं।
“`
ये Ayurveda MCQ Questions and Answers आयुर्वेद के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की तैयारी के लिए उपयोगी हैं।
इस प्रकार के प्रश्न BAMS और अन्य आयुर्वेद से संबंधित परीक्षाओं की तैयारी में revision के लिए भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
✍️ Lekhak: Ayurved Study Hub Research Team
Rajasthan se, 6+ saal ka Ayurved field research anubhav. 150+ jadi-bootiyon ki swayam pehchan.
📖 Reference: Charak Samhita, Bhavprakash Nighantu
⚠️ Disclaimer: Yah lekh keval shiksha ke liye hai. Kisi bhi aushadhi ka sevan karne se pehle apne Vaidya se paramarsh jarur le.

